ek dost chahiye......

Romantic Poetry, Urdu, Hindi & English Poetry

ek dost chahiye......

Postby dineshdina on Mon, 03 Aug 2009 6:40 +0000

ना ज़मीन, ना
सितारे, ना चाँद,
ना रात चाहिए, दिल
मे मेरे, बसने
वाला किसी दोस्त
का प्यार
चाहिए, ना दुआ, ना
खुदा, ना हाथों मे
कोई तलवार
चाहिए, मुसीबत मे
किसी एक प्यारे
साथी का हाथों मे
हाथ चाहिए, कहूँ
ना मै कुछ, समझ जाए
वो सब कुछ, दिल मे
उस के, अपने लिए
ऐसे जज़्बात
चाहिए, उस दोस्त
के चोट लगने पर हम
भी दो आँसू बहाने
का हक़ रखें, और
हमारे उन आँसुओं
को पोंछने वाला
उसी का रूमाल
चाहिए,
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dineshdina
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